मराठी पुस्तकें नहीं थीं, शिवसेना (उबाठा) कार्यकर्ताओं ने पुस्तक प्रदर्शनी में हंगामा किया

मुंबई। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के कार्यकर्ताओं ने हाल में लोअर परेल में एक पुस्तक प्रदर्शनी में मराठी पुस्तकें न होने को लेकर हंगामा किया।

फीनिक्स पैलेडियम मॉल में “बुकचोर” प्रदर्शनी के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने केवल अंग्रेज़ी और हिंदी किताबें होने और मराठी की किताबें न होने के कारण आयोजकों से सवाल किया और बहस की।

घटना के वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कार्यकर्ता इसे मराठी भाषा और संस्कृति के प्रति असम्मान करार दे रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने स्टॉलों के निकट पोस्टर भी फाड़े।

घटना का वीडियो बाद में पार्टी के मुखपत्र “सामना” ने साझा किया। वीडियो में एक कार्यकर्ता को यह कहते सुना जा सकता है कि मराठी भाषा, साहित्य और संस्कृति के प्रति असम्मान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सोशल मीडिया में इस घटना पर लोगों ने मिश्रित प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। जहां एक वर्ग ने कार्यकर्ताओं का समर्थन किया, वहीं एक वर्ग ने कहा कि विरोध और हंगामा करने के बजाय आयोजकों से प्रदर्शनी में मराठी पुस्तकें शामिल करने को कहा जा सकता था।

(किताबी कीड़ा फेसबुक पेज से)

Leave a Reply